२ अक्टोबर से दिल्ली से लेकर प्रदेश के बिभिन्न जनपदों में निकाली जाएगी आंगनबाड़ी अधिकार यात्रा

2 अक्टूबर 2021 से आंगनबाड़ियों की अधिकार यात्रा होगी शुरू, बुलंदशहर से लखनऊ तक हर जिले में होगा पड़ाव, 2 अक्टूबर 1975 से आंगनबाड़ियों की योजना शुरू की गई थी, महिलाओं को देश की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये लेकिन अनगांवड़ी की इस योजना को 46 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।उसके बाद भी आंगनबाड़ियों की आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसलिये 2022 के लिए सरकार वोट मांग रही है और ** हम अपना अधिकार मांग रहे हैं।विगत लंबे समय से अनगांवड़ी की मांगे लंबित हैं। कोरोना महामारी ( कोविड-19 ) के चलते अनगांवड़ी का कोई धरना प्रदर्शन भी नहीं हो सका। ईश्वर का धन्यवाद है, कि देशभर में कार्यरत आंगनबाड़ी कर्मचारी सुरक्षित हैं। इस महामारी में बहुत सी हमारी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को कोरोना से जंग लड़ते हुए अपनी शहादत देनी पड़ी। उन सभी आंगनवाड़ी कर्मचारियों को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तथा कोविड19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मीटिंग सम्पन्न हुई।

आंगनबाडी की निम्न मांगें रखी :-1- देशभर में कार्यरत आंगनवाड़ी कर्मचारी, मिनी आंगनवाड़ी कर्मचारी एवं सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। 2-वर्तमान समय में भीषण महंगाई को देखते हुए आंगनवाड़ी कर्मचारी, मिनी आगनवाड़ी को ₹25000 और साहिकाओ को ₹12500 तत्काल दिया जाए।3-प्री प्राइमरी नई शिक्षा नीति लागू होने पर प्राथमिक शिक्षकों के बराबर वेतनमान दिया जाए तथा आईसीडीएस विभाग में बाहरी व्यक्तियों/संस्थाओं (स्वयं सहायता समूह) का हस्तक्षेप बंद किया जाए।4-आंगनवाड़ी कर्मचारियों/मिनी आंगनवाड़ी कर्मचारी/ सहायिकाओ को राज्य सरकारें 62 वर्ष के बाद सेवानिवृत्त ( रिटायरमैन्ट ) की प्रक्रिया एवं शासनादेश जारी कर दिया गया है। अतः उत्तर प्रदेश सरकार से ये अपेक्षा की जाती है कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रीय तथा राजकीय कार्य कराया जाता है इसलिए इस लिहाज से दस लाख रूपया ( 1000000 ) रिटायरमेंट पर दिया जाए तथा परिवार को भरण पोषण हेतु पेंशन की व्यवस्था की जाए।5. आयुष्मान योजना का लाभ आंगनवाड़ी को भी मिलना चाहिये ,सरकार वादाखिलाफी ना करें वादे को निभाये ,केवल तारीफ कर देने से या यशोदा मां कह देने से आंगनबाड़ियों का पेट नही भर जाताकार्यक्रम में निम्न आंगनबाड़ी उपस्थित रहे कमलेश , चित्रा ,पल्लवी उमा, शारदा ,राजेश्वरी आदि महिलाएं उपस्थित रही.

नोट- यह आंदोलन किसी भी बैनर के तले नहीं होगा क्यों हमारी आंगनवाड़ी बहने अलग-अलग संगठनों से जुड़ी हैं उनका सम्मान आहत ना हो इसीलिए केवल एक आंगनवाड़ी की हैसियत से **आंगनबाड़ी अधिकार यात्रा**इसका नाम रहेगा, सरकार से अपने अधिकार मांगने का अधिकार सभी आंगनवाडी बहनों को हैं जो सदैव सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर रास्ट्रहित, जनहित,समाजहित एवम लोकहित में कार्य करती हैं । सभी राजकीय कार्यों में अपनी पूरी जिम्मेदारी के साथ सरकार का साथ देती हैं। इसलिये इनकी उपरोक्त मांगे बिल्कुल जायज हैं।इनकी उपेक्षा रास्ट्रहित में बिल्कुल नहीं है।इसलिए वर्तमान उत्तरप्रदेश सरकार गुजारिश है कि इनकी व इनके परिवार एवम इनके दुःख- दर्द को मद्देनजर रखते हुए कृप्या तुरंत प्रभाव से इनकी उपरोक्त मांगों को मानकर लागू किया जाए ताकि इन कर्मचारियों के साथ अन्याय न हो सके एवम इनके परिवार के बच्चों को उचित शिक्षा एवम उचित पोषण हो सके।

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सावित्री चौधरीबुलंदशहर (उत्तर प्रदेश)# आंगनवाड़ी #अधिकार _यात्रा