मोती बाग पर निर्वाचन कार्यालय में आंगनवाड़ियों की मीटिंग

बुलंदशहर में मोती बाग पर निर्वाचन कार्यालय में आंगनवाड़ियों की मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्य कौशल विकास मंत्री उपस्थित रहे और आंगनवाड़ियों की समस्याओं को सुना उनको आंगनबाड़ियों की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री चौधरी ने बताया कि प्रदेश सरकार के अधीनस्थ कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के पद, स्तर, तथा वेतन पर सरकार कोई विचार नही कर रही है ,उन्होंने आज तीन मुद्दों पर बात की पहला आंगनवाड़ी दूसरा जिले के विकास तथा तीसरा जनसंख्या पर सावित्री चौधरी ने बताया कि आंगनवाड़ीयां न्यूनतम वेतन से भी काफी कम मानदेय पर कार्य कर रही हैं, जबकि यह समाज के सबसे निचले स्तर तक केंद्र तथा उत्तर प्रदेश की सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाती हैं

जमीनी कार्यकर्ता हैं लेकिन अभी तक यह निश्चित नहीं हो पाया है कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां प्रदेश सरकार की या केंद्र सरकार की कर्मचारी हैं।नाही पेंशन का प्रावधान, नही ग्रेजुएटी का प्रावधान और नाही सेवानिवृत्ति पर किसी सरकारी लाभ का ।
कोरोना महामारी में भी

आगनवाड़ीयों ने घर घर जाकर पोषाहार का वितरण किया घर घर जाकर सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया

हर सरकारी कर्मचारी को महंगाई भत्ता मिलता है लेकिन इन आंगनबाड़ियों को कुछ नहीं मिलता

लेकिन आप से अनुरोध है इन आंगनबाड़ियों का निम्नलिखित मांगों पर विचार करके उनका प्रोत्साहन और मनोबल बढ़ाया जाए।

1.3 महीने से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कोई मानदेय नहीं मिला जबकि आंगनवाड़ी अल्प मानदेय में अपना गुजारा करती हैं

  1. 6 अगस्त को आंगनबाड़ी कोरोना की दवाई बांटकर ड्यूटी से घर लौट रही थी उसके साथ हुई लूट और आज तक लूट का खुलासा नहीं हुआ जबकि छह छह बार आंगनबाड़ी धरने कर चुकी हैं उसमें एसएसपी साहब का जवाब था कि मैडम हमने तो लूट कर नहीं ली है और अभी तक ना कोई आश्वासन है ना ही कोई जवाब है
    3.62 वर्ष की आंगनबाड़ियों को सेवा से निवृत्त नहीं किया जाए अगर किया भी जाए तो उन्हें पेंशन के साथ रिटायर किया जाए
    4.आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कम से कम 21000 वेतन दिया जाए
    5.वेतन महंगाई सूचकांक से लिंग किया जाए।
  2. राज्य सरकार या केंद्र सरकार के कर्मचारी का दर्जा दिया जाये।
    7.पेंशन ,ग्रेजुएटी तथा सेवा निवृति के लाभों का प्रावधान किया जाए ।
    8.उन सभी लाभों का प्रावधान किया जाए जो केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के कर्मचारी को प्राफ्त हैं।
    9.प्रधानों के चंगुल से आंगनबाड़ी को अलग रखा जाए क्योंकि बहुत सारे केंद्रों पर प्रधान आंगनबाड़ियों के साथ सहयोग नहीं करते बल्कि उनका शोषण करते हैं और दखलअंदाजी करते हैं।
    10.आपसे अनुरोध है कि आंगनवाड़ियों की नर्सरी टीचर ट्रेनिंग यथा शीघ्र शुरू कराकर निश्चित समय पर ऊपर लिखित वेतन फिक्स कराकर राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार के कर्मचारी घोषित कराये

दूसरा मुद्दा है बुलंदशहर के विकास का बुलंदशहर में एक संस्था को बर्बाद करके दूसरी संस्था स्थापित करने का षड्यंत्रस चल रहा कृषि महाविद्यालय की जमीन पर मेडिकल कॉलेज बना रहे हैं, सहकारी नगर में अनेक मूलभूत सुविधाओं से युक्त 45 साल से 78 एकड़ जमीन खाली पड़ी है ,वहाँ मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं कर रहे हैं, क्योंकि कुछ लोगों का षड्यंत्र चल रहा है कि उस जमीन का नीलामी करण करा कर उसको कोड़ियों में खरीदने का मंसूबा बना रहे है। इसलिए वहाँ मेडिकल कॉलेज नहीं बनाया जा रहा है, और सरकार को गुमराह किया जा रहा है कि उस जमीन पर झगड़ा है जमीन पर कोई झगड़ा नहीं है केवल वहां जो मजदूर काम करते थे उनका प्रोविडेंट फंड रुका हुआ है ।वह फंड उनको दे दिया जाए और जमीन पर मेडिकल कॉलेज का कार्य शुरू कर दिया जाए, साथ ही कृषि महाविद्यालय से कुछ दूर पर बेलमपुरा गांव में कुछ लोगों की सैकड़ों बीघे जमीन पड़ी हुई है। जब वहां मेडिकल कॉलेज बनेगा तो उनकी जमीन के रेट 10 गुना हो जाएंगे इस नियत से भी वहां मेडिकल कॉलेज नहीं बनने दे रहे हैं, जबकि कृषि महाविद्यालय के अधिकारियों ने स्वयं लिखा है कि हमारी जितनी जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए ली जा रही है इतनी जमीन हमें किसी दूसरी जगह दी जाए ,उन्हें नुकसान भी उनका कैंपस दो भागों में बट जाएगा, और भविष्य में कॉलेज का कोई विस्तार नहीं हो पाएगा। दिल्ली के एम्स में मरीज को एडमिट कराने के लिए 7 से 10 दिन लग जाते जैसे पालम हवाई अड्डे पर और उसके आसपास तिल रखने की भी जगह नहीं मिलती है तो 100 किलोमीटर दूर जेवर पर एक हवाई अड्डा बनाना पड़ा है ,वैसे ही एक दिन एम्स भी स्थापित करना पड़ेगा जो मेडिकल कॉलेज के पास ही बनाया जा सकता पर लोग भविष्य की ना सोच कर अपने-अपने स्वार्थ सिद्धि में लगे हुए ,अतः क्षेत्र का और यहां के लोगों का दूरगामी नुकसान करने पर तुले हैं, सहकारी नगर में बाउंड्री वॉल और सरकारी क्वार्टर भी बने हुए हैं और पावर सप्लाई भी चालू है इतना काम कराने में भी कम से कम 2 साल लग जाएंगे तब तक मेडिकल कॉलेज बनाने की कीमत भी 20 से 25 करोड़ और बढ़ जाएगी लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है, सबतक बात पहुंचा दी गई है ऐसा कहकर चैप्टर बंद कर देना चाहते हैं ,और मुख्यमंत्री तक सच्चाई पहुंचाने नहीं दे रहे है सर जी मैं आपसे और स्थानीय नेतागणों सेअनुरोध करना चाहती हूँ, कि जिले और छेत्र के लोगों की डिमांड है ,कि तुरंत प्रभाव से मेडिकल कॉलेज निर्माण प्रारंभ कराने के लिए सरकारी मिल परिसर का स्थान निश्चित करा कर यह गलत कार्य होने से जिले की जनता व क्षेत्र की जनता का नुकसान होने से बचाएं सहकारी नगर 6 विधानसभाओं को जोड़ता है

तीसरा मुद्दा है जनसंख्या का देश सबसे बड़ी समस्या है बढ़ती आबादी आज हमारे संसाधन सीमित होते चले जा रहे हैं और आबादी बढ़ती चली जा रही है जो कि आंगनवाड़ियों के एजेंडा में भी है आंगनबाड़ियों को फैमिली प्लानिंग का काम दिया जाता है और लोगों को जागरूक करने के लिए का काम दिया जाता है लेकिनफील्ड में जाकर पता चलता है कि सोतों को जगा सकते हैं लेकिन जो सोने का नाटक कर रहा हो उसे कौन जगा सकता है।इस पर सरकार को ही ठोस कदम उठाना पड़ेगा और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाना होगा ।

मीटिंग में कमलेश गॉड, मुन्नी देवी, तरुण, सीमा, वेत्रवती, अंजना, मिथलेश कुमारी नीलम शर्मा, सविता शर्मा, अंजू शर्मा आदि आंगनवाड़ियों के साथ सैंकड़ों आंगनवाड़ियों ने भाग लिया

सावित्री चौधरी
प्रदेश अध्यक्ष
अखिल भारतीय आंगनवाड़ी कर्मचारी महासभा