बुलंदशहर जिले में मेडिकल कॉलेज उचित स्थान पर बनाया जाए

जनसंख्या समाधान फाउंडेशन( पंजीकृत) बुलंदशहर जिले में मेडिकल कॉलेज उचित स्थान पर बनाया जाए

जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मंजूरी के बाद जिले के कृषि महाविद्यालय की भूमि में से 10 एकड़ भूमि इसके लिए चयनित की गई है।जिसमे13 कोने हैं। इस महाविद्यालय की 137.20 एकड़ भूमि में राज्य सरकार के 20 संस्थान काम कर रहे हैं ,यहां मेडिकल कॉलेज बनाने पर भविष्य में एम्स नहीं बनाया जा सकता है ,तथा किसी विशेष मरीज को हेलीकॉप्टर से लाने ले जाने या ग्रीन कॉरिडोर बनाने की संभावना समाप्त हो जाएगी, जिसकी भविष्य में आवश्यकता पड़ेगी ,
2 . इस स्थल से सात आठ किलोमीटर दूर राज्य सरकार की 63.525 एकड़ भूमि पिछले 45 साल से बिल्कुल खाली पड़ी है, जहां बाउंड्री वॉल पावर सप्लाई तथा स्टाफ क्वार्टर्स उपलब्ध है ,यह स्थल ट्रैफिक तथा भीड़ भाड़ से दूर है, जिले की 7 तहसीलों में से 6 तहसीलों- अनूपशहर डिवाइ, शिकारपुर,खुर्जा स्याना व बुलंदशहर सदर की अच्छी सड़कों से जुड़ाव है,
3 . यह एक 45 साल से बंद पड़ी कताई मिल की जमीन है, यह उत्तर प्रदेश सरकार की है जिसे अधिग्रहण करने की जरूरत नहीं है,न कोई मुआवजा न कोर्ट केस सीधे निर्माण के आदेश दिए जा सकते हैं, राज्य सरकार का 100 करोड रुपए व 1 साल का समय भी बचेगा, इस स्थान पर मेडिकल कॉलेज बनाने से कृषि महाविद्यालय की10 एकड़ भूमि उसे वापस मिल जाएगी ,यह कृषि विद्यालय 22-26 जिले के किसानों को उन्नतिशील बीजों को गाने का प्रशिक्षण देती है।वैसे भी जिले की जनता चाहती कि यहाँ वापस कृषि विद्यालय शुरू किया जाय क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता 80%किसान है।जो गन्ना उगाता है गेहूँ उगाता है, अन्न दाता है उस छेत्र के बच्चों को किसानी सिखाने की आवश्यकता है शायद यही सोचकर 1921में अंग्रेजों ने इस कृषि विद्यालय को खोला था जहाँ बच्चे मिट्टी के विषय मे सीखते थे, जलवायु के विषय मे सीखते थे, बीजों की किस्मों के विषय मे सीखते थे लेकिन 1984 में उस समय की नकारा सरकारों ने इस कृषि विद्यालय पर ताला डाल दिया, मेडिकल कॉलेज बनाने का आवेदन श्री राम नायक जी को भी दिया था ,परंतु किसी कारणवश वो गौर नहीं कर पाए।
इससे किसी को कोई हानि नहीं है बल्कि अनेक लाभ हैं कृषि विद्यालय की भूमि का उपयोग, 1 साल के समय की बचत 45 साल से बंद पड़ी भूमि का सदुपयोग हो जाएगा, और सरकार को100करोड़ रुपए की बचत आदि।

आप से अनुरोध है कि जनहित में चिन्हित भूमि के बजाय मिल परिसर की भूमि पर मेडिकल कॉलेज बनाने के आदेश जारी कराएं

मैं यह आवेदन पूरी तरह से सामाजिक सेवा भाव तथा एक नागरिक के तौर पर अपना कर्तव्य समझकर दे रही हूं, मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप जनहित में इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे क्योंकि इसमें किसी की भी व्यक्तिगत स्वार्थ सिद्धि नहीं है, प्रस्तावित दोनों भूमियों की खसरा नंबर खाका तथा अन्य जानकारियां उपलब्ध हैं 4.कृषि महाविद्यालय ने भी 10 एकड़ भूमि को मेडिकल कॉलेज को देने को उचित नहीं माना है

सावित्रीचौधरी

राष्ट्रीयअध्यक्ष

मेडिकलकॉलेज