“जनसंख्या नियंत्रण कानून का कोई अता पता नहीं है।”

“” आज देश की जनसंख्या बेतहाशा बढ़ती चली जा रही लेकिन जनसंख्या नियंत्रण कानून का कोई अता पता नहीं है।””

देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून का बिल पारित हो: सावित्री चौधरी -देश की जनसंख्या नियंत्रण कानून की बढ़ती दर पर गंभीर विचार

प्रवेश चौधरी (शाह टाइम्स नोएडा)। आज देश में सारी समस्याओं की जड़ है बढ़ती आबादी, लेकिन जनसंख्या नियंत्रण कानून का कोई अता पता नहीं है। मानव सभ्यता को डेढ़ लाख साल लगे इस धरती की आबादी को 100 करोड़ पहुंचाने में, सन 1804 में हमारी धरती की पापुलेशन 100 करोड़ पहुंच गई थी, ऐसा वैज्ञानिकों का कहना है कि 1804 के बाद हमें मात्र 200 साल लगे उस पापुलेशन को 100 करोड़ से लगभग 800 करोड़ पहुंचाने में, तो विषय सोचने का जरूर है, जैसे ही 100 करोड़ की पापुलेशन विश्व ने क्रॉस की उसी समय के कुछ बुद्धिजीवियों को बड़ी चिंता हुई, जो कि स्वाभाविक ही थी, अगर हम देखें 10 हजार ईसवी पूर्व वैज्ञानिकों का कहना है कि इस धरती पर जितने भी जीव जंतु थे, यानी जीवित प्राणी थे, उनमें से 99% वन्य जीव जंतु थे ,और एक परसेंट इंसान हुआ करते थे, और आज स्थिति यह आ गई है एक परसेंट वन्य जीव जंतु है और 99% हम इंसान हैं, तो चिंता होनी स्वाभाविक ही है।

इसलिए हमारे देश में इस चीज को लेकर चिंता की गई, सबसे पहले 1931 में हमारे देश में पहला बर्थ कंट्रोल क्लीनिक खोला गया, जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था कि छोटा परिवार रखकर हम अपना और अपने परिवार का तो भला करते ही हैं बल्कि सृष्टि का भी भला करते हैं, क्योंकि सृष्टि के संसाधनों पर पड़ने वाले बोझ हम कम करते हैं मानव अस्तित्व के लिए जीवित रहने के लिए तीन चीजों की आवश्यकता पड़ती है, पहली चीज पीने के लिए शुद्ध पानी, सांस लेने के लिए शुद्ध वायु, खाने के लिए शुद्ध भोजन, तो क्या भारतीय संविधान के हिसाब से आर्टिकल 21 के अंतर्गत ‘राइट टू लाइव’ जीने का अधिकार क्या उसका हनन नही हो पा रहा है? क्या हम इन तीनों चीजों को प्रोवाइड करा पा रहे हैं? नहीं आज हमारे देश की आबादी 138 करोड़ हो चुकी है।

जितनी भी समस्याएं हैं उन सभी का मुख्य कारण है, बढ़ती हुई आबादी क्योंकि कम क्षेत्रफल होने के कारण हमारे संसाधन कम होते चले जा रहे हैं दुनिया के जितने भी देश हैं उनकी आबादी 8 अरब के आसपास है जबकि दुनिया की 20 पर्सेंट आबादी हमारे भारत में निवास करती जबकि दुनिया की 2.4% जमीन हमारे पास है 2.4% क्षेत्रफल क्षेत्रफल हमारे पास है और 4% पानी हमारे पास उपलब्ध है हालात बहुत खराब है भारत का हर कोना हर नुक्कड़ ज्यादा आबादी होने का जीता जागता उदाहरण है चाहे आप कहीं भी हो मेट्रो स्टेशन, हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशन सड़क हाईवे, बस स्टॉप, अस्पताल, शॉपिंग मॉल, बाजार, मंदिर कोई सामाजिक, धार्मिक समारोह इन सबको आप दिन के समय में भीड़ से भरा देखते हैं, इससे पता चलता है कि देश में जनसंख्या कितनी है आज सड़कों पर हर तरफ जाम की स्थिति है अगर जनसंख्या को कंट्रोल नहीं किया गया आज सड़कों पर गाड़ियों के जाम लगते हैं आने वाले 10 से 20 साल बाद आदमियों के जाम लगने निश्चित है, बढ़ती आबादी गरीबी, निरक्षरता, बेरोजगारी, आर्थिक, पिछड़ापन आदि को तो बढ़ावा दे ही रही है बल्कि देश के बढ़ते विकास और उन्नत होते प्रौद्योगिकी लाभ को भी निकल रही है, हम सभी जानते हैं कि देश की जनसंख्या केवल देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने से ही नियंत्रित हो सकती है। विडंबना है हमारे देश की आज एक बच्चे वाला टैक्स देता है और 10 बच्चे वाला सब्सिडी लेता। इसलिए हमें आज जनसंख्या नियंत्रण कानून की बहुत आवश्यकता है। इस कानून को बनवाने में मदद करें और देश को जनसंख्या विस्फोट से बचा लें।

सावित्री _चौधरी

राष्ट्रीय _अध्यक्ष

#जनसंख्यासमाधान फाउंडेशन( पंजीकृत)