आंगनवाड़ी अधिकार यात्रा को लेकर आंगनवाड़ियों की बैठक आयोजित की गई

2 अक्टूबर से आंगनवाड़ियों की जनपद बुलंदशहर से शुरू होगी आंगनवाड़ी अधिकार यात्रा: सावित्री चौधरी

बुलंदशहर (डीके निगम)शनिवार को ऊंचागांव ब्लॉक में अनीता चौहान के नेतृत्व में एक मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें आंगनवाड़ी अधिकार यात्रा की संयोजक सावित्री चौधरी भी उपस्तिथ रहीं, अनीता चौहान ने कहा कि सरकार अनुपूरक बजट का जुमला दे रही है और रोज अखबारों में निकलवा देती हैं की 15 सौ रुपए बढ़ेंगे,, पुराना मिलेगा अगला मिलेगा, पिछला मिलेगा, लेकिन 3 साल पहले भी यही हुआ था वह भी आज तक नहीं मिला, तो कैसे विश्वास किया जाए सरकार कुछ देगी, वास्तव में जाएं तो 5500 के सामने सरकार को एक जीरो और लगा देनी चाहिए जब काम के बराबर दाम होगा।सावित्री चौधरी ने कहा कि-

2 अक्टूबर 2021 से आंगनबाड़ियों की अधिकार यात्रा होगी शुरू, बुलंदशहर से लखनऊ तक हर जिले में होगा पड़ाव, 2 अक्टूबर 1975 से आंगनबाड़ियों की योजना शुरू की गई थी, महिलाओं को देश की मुख्य धारा से जोड़ने के लिये लेकिन आंगनवाड़ी की इस योजना को 46 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।उसके बाद भी आंगनबाड़ियों की आर्थिक, सामाजिक और मानसिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।इसलिये हम अपना अधिकार मांग रहे हैं
आंगनबाडी की निम्न मांगें रखी :-
1- देशभर में कार्यरत आंगनवाड़ी कर्मचारी, मिनी आंगनवाड़ी कर्मचारी एवं सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
2-वर्तमान समय में भीषण महंगाई को देखते हुए आंगनवाड़ी कर्मचारी, मिनी आगनवाड़ी को ₹25000 और साहिकाओ को ₹12500 तत्काल दिया जाए।
3-प्री प्राइमरी नई शिक्षा नीति लागू होने पर प्राथमिक शिक्षकों के बराबर वेतनमान दिया जाए तथा आईसीडीएस विभाग में बाहरी व्यक्तियों/संस्थाओं (स्वयं सहायता समूह) का हस्तक्षेप बंद किया जाए।
4-आंगनवाड़ी कर्मचारियों/मिनी आंगनवाड़ी कर्मचारी/ सहायिकाओ को राज्य सरकारें 62 वर्ष के बाद सेवानिवृत्त ( रिटायरमैन्ट ) की प्रक्रिया एवं शासनादेश जारी कर दिया गया है। अतः उत्तर प्रदेश सरकार से ये अपेक्षा की जाती है कि आंगनवाड़ी कर्मचारियों द्वारा राष्ट्रीय तथा राजकीय कार्य कराया जाता है इसलिए इस लिहाज से दस लाख रूपया ( 1000000 ) रिटायरमेंट पर दिया जाए तथा परिवार को भरण पोषण हेतु पेंशन की व्यवस्था की जाए।

  1. आयुष्मान योजना का लाभ आंगनवाड़ी को भी मिलना चाहिये।
    केवल तारीफ कर देने से या यशोदा मां कह देने से आंगनबाड़ियों का पेट नही भर जाता।वेतन भी चाहिये।इस अवसर पर कविता, जगरोशनी कमलेश, संतोष ,ज्योति ,मीना, महेन्द्री, पिंकी आदि आगनवाडी उपस्थित रही।